राज्यव्यापी महापरीक्षा में जिले के हजारों नवसाक्षर शामिल, 384 केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न

राज्यव्यापी महापरीक्षा में जिले के हजारों नवसाक्षर शामिल, 384 केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। यह परीक्षा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित की गई।जिले के तीनों विकासखंडों में कुल 92 संकुलों के अंतर्गत 166 ग्राम पंचायतों और 3 नगरीय निकायों में बनाए गए 384 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा के संचालन के लिए 384 केंद्राध्यक्ष एवं 515 पर्यवेक्षक-सह-मूल्यांकनकर्ताओं की तैनाती की गई थी। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर गठित मॉनिटरिंग दलों द्वारा पूरे समय सतत निरीक्षण कर परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नजदीकी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में केंद्र बनाए गए थे। शाम 5 बजे तक कुल 14,675 परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि अंतिम आंकड़े शाम 6 बजे तक प्राप्त होने की बात कही गई।
परीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने गौरेला, पेंड्रा एवं मरवाही विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान 86 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता सहित 75 वर्षीय लक्ष्मी सोनी एवं 65 वर्षीय ओमवती जैसे वरिष्ठ नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक परीक्षा दी, जिनका अधिकारियों द्वारा विशेष उत्साहवर्धन किया गया।महापरीक्षा को उत्सव का रूप देते हुए कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों का स्वागत फूल-माला, गुलदस्ता एवं तिलक लगाकर किया गया। जिला एवं विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर परीक्षा की निगरानी की गई।

इस दौरान जिला नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, सहायक नोडल अधिकारी संजय गुप्ता, प्राचार्य बनवाली वासुदेव, उषा मित्रा, आलोक शुक्ला सहित अन्य अधिकारी सक्रिय रहे। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसीसी, संकुल समन्वयकों, स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा के प्राचार्य जे.पी. पुष्प एवं उनके स्टाफ द्वारा भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का अवलोकन किया गया।प्रमाण-पत्र मिलेगा सफल अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल होने वाले नवसाक्षरों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे की शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों में लाभ मिलेगा।















